शादी

Page Visited: 241


सी बड़ी
बेटी
चिंता छाने लगी
माँ की आँखों में
झोंपड़ीनुमा घर में
बीड़ी मुँह में दबाए/फिक्र में
खोया जाता है बाप।
जैसे बेटी बाढ़ हो गई हो
चढ़ी हुई नदी के साथ
माँ-बाप उसके उतरने का
इंतजार करने लगे हैं,
बेटी के दिल में
बढ़ने लगा है
उमंगों का मौसम,
सपनों का मौसम
जो बढ़ता ही जाता है,
अब आएगा मौसम नया
बेटी सजे हुए कदमों के साथ
किसी और की देेहरी
पार कर जाएगी
और माँ-बाप की
आँखों के आगे का धुंध
खत्म हो जाएगा।

0 0
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Leave a Reply

अपनी कुंडली स्वयं बनाओ

बनी हुई कुंडली को देखन या कंप्यूटर से कुंडली बनाना एक ही बात है लेकिन अपनी कुंडली बनाओ इसको यहाँ बताना हमारा उद्देश्य है.