भावो के विषय

Read Time:2 Minute
Page Visited: 135
भावो के विषय
भावो के विषय

भावो के विषय

भावो के विषयों   को मध्य  पाराशरी में  इस प्रकार सम्मिलित किया गया है कि उन्हें आसनी से याद रखा जा सके। जिससे सिद्धांतों को भूलना लगभग असम्भव हो जाए।

लग्न-1 भाव
व्यक्तित्व, रंग उम्र, प्रसिद्धि, जीवन की परिस्थितियाँ, खुशहाली।

दूसरा -2
धन, खशियां, परिवार, सत्य, वाणी दहिनी आँख।

तीसरी भाव-3
भाईभृत्य, साहस, गर्दन, इच्छा, आभूषण, पात्रता, अपात्रता, (ज्ञान तथा उपहार इत्यादि प्राप्त करने की योग्यता।)

चैथा भाव-4
माता, वाहन, मित्र, राजकीय सुख (संसद), अस्त्र, सम्पत्ति आदि।

पाँचवा भाव-5
संतान, योग्यता, बुद्धि, मंत्र, भागवद भक्ति, हृदय, तथा नानी के घर से संबंधित बातें।

छठा भाव-6
शत्रु, बल, रोग, रिश्तेदारियां, चचेरे-ममेरे-फुफेरे भाई बहन (पिता तथा माता के भाई बहनों की सन्तानंे)

सातवां भाव-7
यौन इच्छा, छत्र या (राज्य पद) दांत सम्बन्धी रोग तथा नाभि भाग।

आठवां भाव-8
गुप्तांग, जीवन-मृत्यु संघर्ष।

नौवा भाव-9
भाग्य, तीर्थ यात्रा आदि।

दसवां भाव-10
सम्ममान, प्रभुत्व, कर्म, प्रसिद्धि, व्यापार, नौकरी।

ग्यारवां भाव-11
लाभ, बड़ा भाई या बड़ी बहन, कान, जंघा।

द्वादश भाव-12
खर्चे, पैतृक सम्पत्ति, विवाद तथा बांई आँख।

जलीय राशियां
वृषभ,तुला (दोनों शुक्र की राशियाँ), मकर,कुम्भ(दोनों शनि की राशियां), तथा प्रसिद्ध जल तत्व राशियां कर्क, वृश्चिक व मीन।

अग्नि व जल तत्व ग्रह

1. सूर्य , मंगल व शनि सदा अग्नि तत्व ग्रह।

2. चंद्र व शुक्र जल तत्व ग्रह।

3. गुरू व बुध जब शुक्र की दोनों राशियों, शनि की दोनों राशियांे, कर्क, वृश्चिक व मीन में होते हैं तो जल तत्व प्रधान होते हैं।

यहां दिये गए मूलभूत सिद्धांत ज्योतिषीय सिद्धांतों का संग्रह है जिनका फला कथन में सफलता के लिये एक ज्योतिषी को ज्ञान होना आवश्यक है। यद्यपि ये प्रसिद्धि सिद्धांत है, किंतु फिर भी हो सकता है कि फल कथन के लिये किसी कुण्डली का निरीक्षण के लिये कुछ तालिकाएं बना लेनी चाहियंे।

0 0
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Leave a Reply

अपनी कुंडली स्वयं बनाओ

बनी हुई कुंडली को देखन या कंप्यूटर से कुंडली बनाना एक ही बात है लेकिन अपनी कुंडली बनाओ इसको यहाँ बताना हमारा उद्देश्य है.

मंगल दोष विचार

मंगल दोष विचार परम्परागत ज्योतिषियों द्वारा जनमानस में बैठाए मंगल दोषो के भय को दूर करना ही हमारे इस पोस्ट का उद्देश्य है. तो आइये...