“नाम आधारित अंक विद्या

Read Time:14 Minute
Page Visited: 131

भारतीय ज्योतिष परम्परा में नाम आधारित अंक विद्या का इतना प्रचलन है कि नाम को भी चन्द्र आधारित नक्षत्र चरण के आधार पर रखा जाता है.

नाम आधारित अंक विद्या
नाम आधारित अंक विद्या

भारतीय ज्योतिष में तो बच्चे के जन्म लेते ही चन्द्र जिस नक्षत्र में होता है उस नक्षत्र चरण के आधार पर उसका नाम निर्धरित कर दिया जाता है ताकि जीवन में नाम के प्रथम अक्षर से ही उसके जन्म आधारित राशि, नक्षत्र और चरण का पता लग सके इसका मुख्य उद्देश्य जातक के विवाह के समय गुण मिलान के समय सामने आता है. नाम आधारित अंक विद्या का केवल इतना ही असर नहीं है और भी बहुत कुछ है.

Astro logical software -Advise you with prediction

https://2cb230wbnj2qgy13vmzepau9f8.hop.clickbank.net/?tid=RAJENDER_DUTT

यहूदी परम्परा में व्यक्ति के मरते समय मंदिर में जाकर उसके नाम का परिवर्तन करा दिया जाता है ताकि जीवन में किये पाप कर्मो से बचा कर उसे फिर से नया साफसुथरा जीवन मिल सके.

वैसे भारत में भी दो नाम रखने की परम्परा है एक जन्म नामाक्षर आधारति और दूसरा बोलने के लिए साधारण नाम. ऐसे में शंका का समाधान करते हुए की किस नाम को प्रधानता दी जाए. शास्त्र वचन है की मंगल कार्यो , यात्रा में , ग्रह गोचर में (Transit) की प्रधानता है.और देश में , गाओ में, घर मे, मुक़दमे में , युद्ध में नोकरी में बुलाने वाले नाम की प्रधानता है. ये तो रही शास्त्रीय बाते, अब आते है अपने मुख्य विषय “नाम आधारित अंक विद्या” पर .

क्योंकि ये इंग्लिश विद्या हैअत अंग्रेज विद्वान् कीरो ने अंग्रेजी के 26 नाम अक्षरों को 26 अंको से नवाजा है

A= 1J= 1S= 3
B= 2K= 2T= 3
C= 3L= 3U= 6
D=4M= 4V= 6
E= 5N= 5W=6
F= 8O=7X= 5
G= 3P= 8Y= 1
H=5Q= 1Z= 7
I= 1R=2

मान लीजिये की हमें नरेंदर मोदी (NARENDER MODI) के नाम का संयुक्त अक्षर बनाना है तो

N=5+A=1+R=2+E=5+N=5+D=4+E=5+R=2+M=4+D=4+I=1=38

इस प्रकार संयुक्त अक्षर 38 कीरो ने 70 अंको तक के अंको की विवेचना की है. अब आगे हम संयुक्त आक्षरो का प्रयोजन बताएँगे

1 नाम यदि अशुभ है तो क्या उसे बदला जय.शुभ है तो रहने दिया जाय.

2 क्या आम जन्म तारीख के लिए ठीक है.

3 मिले हुए संयुक्त अक्षर के आधार पर जातक के कार्यो के लिए कौन सी तारीख अनुकूल होगी. अपनी पिछली पोस्ट अंक ज्योतिष(Numerology) में हम 9 तक के अंको की विवेचना कर चुके है अब “नाम आधारित अंक विद्या

10 इस अंक वाला अपने अच्छे बुरे कामो के लिए मशहूर होता है. इसमें आत्म विश्वास और प्रतिष्ठा छुपी है.

11 ये एक अशुभ अंक है, ऐसे लोगो दुसरे लोगो से धोखा प्राप्त होने का दर रहता है.

12 ये भी डर,कष्ट, मानसिक चिन्ताओ का कारक है. दुसरे लोग इनके हितो की परवाह नहीं करते.

13 साधारण मान्यता है की ये एक अशुभ अंक है लेकिन ऐसे नहीं है ये परिवर्तन शील अंक है. अपनी इच्छाओ, कार्यो. इरादों, योजनाओ का परिवर्तन .

14 ये संयुक्त गतिशीलता का परिचायक है. ट्रेन सारे डिब्बे मिल कर एक साथ दोड़ते है. और आंधी, धरने , प्रदर्शन,तूफ़ान, धन, बैंक, सट्टे, जुए, आधी इसमें सामुदायिक असर होता है व्यक्ति गत नहीं.

15 ये रहस्यों का प्रतीक अंक है जैसे मंत्रो के जप से सिद्धि, किसी के पुकारे जाने वाले नाम का का योग 15 हो तो ये एक भाग्य शाली अंक है ये लोग संगीत कला प्रेमी, होते है एक भाग्य शाली अंक है. “नाम आधारित अंक विद्या

16ये अंक अध पतन की और इशारा करता है यानी सफलता के बाद असफलता का प्रतीक है. दुर्घटनाओ से बचकर रहना चाहिए, ज्यादा प्राप्ति की आशा में न रहे सपने चूर हो जाते है.

17 ये एक शुभ अंक है , कठिनाइयों विपत्तियों पर आत्म शक्ति से विजय पाने का प्रतीक है. ये लोग सफल होते है.

18 ये एक धवंसात्मक ,कलह प्रिय शक्ति से धन प्राप्त करने का प्रतीक अंक है. ऐसे लोग कुटुंब, परिवार की कलह से परेशां रहते है. कुतुम्बिक बटवारे की ऐसी तारीख न चुने जिसका संयुक्त अंक 18 हो.जैसे 11-2-2021=18

19 इससे ख़ुशी ,सफलता, प्रतिष्ठा, उन्नति प्रतीत होती है ये सूर्य का अंक है.इसमें सफलता मिलती है.

20 ये शुभ, अंक है, जागृति , न्याय का प्रतीक है. नै योजनाए और कार्यो का प्रतीक है सांसारिक विषयो में सफलता के बारे में निश्चित नहीं कहा जा सकता, अंक आधारित ज्योतिष में 20 अंक लगाने पर सफलता निश्चित नहीं है.

21 प्रशन अंक ज्योतिष के लिए ये एक शुभ सफलता का अंक है. इससे उन्नति, प्रतिष्ठा, पदोन्नति प्रकट होती है.

22 झूटी धर्नाओ का प्रतीक अंक है. ऐसे व्यक्ति उन्नति के कल्पना लोग में खोए रहते है. वास्तविकता की जमीन पर नहीं रहते .

23 अन्य लोगो की सहायता से सफलता मिलती है. समर्थो की कृपा द्वारा मन की आशा पूरी होती है.

24 एक शुभ अंक है, इन्हें भी अपने से उच्चाधिकारियों की कृपा से मनोयोगो की पूर्ति होती है. एक ऐसा अंक जिसे दूसरो से प्राप्ति होती है जैसे स्त्री को पुरुष, पुरुष को स्त्री से प्रेमाकंशा की पूर्ती होती है. परिवारी जानो से भी महत्वकंशाओ की पूर्ती होती है. “नाम आधारित अंक विद्या

25 एक संघरशील जीवन की द्योतक,अनुभव द्वारा जीवन में प्राप्तिया होती है,जैसे मैकेनिकल लाइन में अनुभव से सिद्धि होती है.

26इस अंक वालो कोदूस्रो की सलाह, सहायता, सुझावो पर नहीं चलना चाहिए, इनको लोगो दवार दी गई विपत्तिया प्रकट होती है.

27 ये सत्ताधारी उच्च शक्ति प्राप्त लोग होते है बुध्धि बल के आधार पर सुपरिणाम प्राप्त होते है.

28एक साथ दो विपरीत ध्रुवो की तरफ भाग कर सफलता प्राप्त करने की आशा दूसरो की सफलता में अंधविश्वास पूर्ण सहायता की मांग पर वरोध का सामना करते है या धोखा खाते है. कानूनी विरोध भी प्राप्त होते है.

29 अस्थिरता और अनिश्चितता का कारक अंक है ये ऐसे लोगो से संपर्क में न रहे जिन पर विश्वास नहीं किया जा सकता है. वर्ना अचानक धोखा कष्ट हानि की सम्भावना होती है.

30ये बुद्धि संपन्न लोग होते है ये आर्थिक संचय की और ध्यान न देकर बोद्धिक कोशल, और विद्या कौशल की और ज्यादा ध्यान देते है. इस लिए ये न शुभ और न अशुभ अंक है.

31 ये भी यथा 30 वैसे 31 वाली स्थिति के लोग होते है. पर ये और भी ज्यादा अंतर्मुखी होते है. या सांसारिक लोगो से कट कर अपनी दुनिया में खोए रहते है तो सफलता कैसे मिलेगी ,

32 इस अंक में भी जैसे ऊपर 5 और 14 अंक में सामुदायिक सहअस्तित्व के कारण गुण थे वे प्रकट होते है. लेकिन ऐसे लोगो को अंतर प्रेरणा द्वारा उन्नति करनी चाहिए लेकिन औरो की जिद्दी सलाह को नहीं मन्ना चाहिए. वरना असफलता मिलेगी. “नाम आधारित अंक विद्या

33 इसका अपना कोई वजूद नहीं है इसे वैसे ही लेना चाहिए जैसे ऊपर 24 को देखा है.

34 इसका प्रभाव 25 की तरह से देखे

35 इसका प्रभाव 26 की तरह से देखे

36 इसका प्रभाव 27 में देखें

37 ये विशेष शुभ अंक है इस अंक के स्त्री पुरुष को आपसी मित्रता और सहसंबंध के द्वारा उन्नति प्राप्त होती है.ऐसे लोग साझे दारी में कार्य करे तो लाभ अर्जित करते है.

38 का 29 जैसा, 39 का 30 जैसा, 40 का 31 जैसा, 41 का 32 जैसा और 42 का 24 जैसा फल जातक को प्राप्त होता है.

43 ये एक अशुभ अंक है. इसका क्रोध, लड़ाई-झगडे, मार-पिटाई , क्रांति आधी सदृश अशुभ परिणाम मिलते है.

44 का 26 जैसा, 45 का 27 जैसा,46 का 37 जैसा, 47 का 29 जैसा,48 का 30 जैसा, 49 का 31 जैसा,50 का 32 जैसा परिणाम प्राप्त होता है.

51 इस संख्या में बहुत शक्ति , इस अंक वाले जातक जो भी काम करते है सफल होते है. सैनिक व् नेताओ के लिए विशेष सफलता सूचक है. लकिन इन लोगो के शत्रु भी बहुत होते है जिससे इनकी हत्या होने का खतरा होता है.

52 इस अंक का 43 जैसा प्रभाव है.

53 इस अंक वाले गुप्तचरी व् सैनिक कार्यो में विशेष सफलता प्राप्त करते है. इस अंक द्वारा उन्नती सूचित होती है.

54 इस अंक वाले की लोग बहुत इज्जत करते है. वाचाल , विद्वान और धनवान होता है. लेकिन विकलांग होने का दर रहता है.

55 तीव्र बुद्धि, नेत्रित्व क्षमता वाला धर्मिक विद्वान होता है. अन्य लोगो का नेत्रित्व करता है.

56 ऐसा व्यक्ति दूसरो का नेत्रित्व कने वाल होता है ये अंक शुभाशुभ दोनों प्रकार का है. अपनी घटिया इच्छाओ के कारण ये घबराया हुआ रहता है. इसे आत्मसंयम का अभ्यास करना चाहिए.

57 ये अंक कार्य सम्बन्धी व्यावसायिक सफलता का सूचक है,ऐसे लोग प्रसन्न और क्रियाशील होते है.

58 ये लोग सदेव दूसरो का स्नेह प्राप्त करने वाले प्रसन्नचित चिकित्सक सेवा में लगने वाले होते है.

59 ये लोग हमेशा भय और विपत्तियों से बचे रहते है. ये लोग व्यापार और बहुत तरह की यात्राए करते है. बैंक और दलाली के कार्यो लाभ मिलता है. ये लोग दीर्घ आयु सफल होते है.

60 ये लोग सफल होते चिकित्सक और नर्सिंग के कार्यो में लगे होते है.

61 इस अंक के घुमक्कड़ शांति प्रिय, शौक़ीन किस्म के होते है.

62 इस अंक का प्रभाव 53 जैसा है.

63 इस अंक के लोग दूसरो की उन्नति कर उपकारी किस्म के होते है. रूढी वादी प्रथाओ में सुधार के कामो को करते है. व्यापार से उन्नति करते है. खर्चो का हिसाब नहीं रखते है.कभी हानि कभी लाभ ये चलता रहता है. “नाम आधारित अंक विद्या

64 इस अंक वाले को स्वर्जित व्यवसाय या स्वार्जित सेवा के कामो में लग्न चाहिए.साहित्यिक प्रवृत्ति वाले होते है.

65 ये लोग अपने बड़े लोगो के आश्रय में पलते है सुखी दाम्पत्य जीवन, लेकिन चोट का भय रहता है.

66,,67,68 अंको का यथा क्रम 57 ,58 ,59 सदृश फल होता है.

69 इस अंक के द्वारा, सम्मान, प्रतिष्ठा, सौभाग्य,सफलता सूचित होती है.

70 ये एक कम सौभाग्य सूचक शक्ति शाली अंक होता है.

इस प्रकार आप अपने जन्म की तारीख या नाम के शुभ अंक के आधार पर अपने लिए वर्ष मॉस दिवस यहातक की दिवस के घंटो को भी अपने अनुकूल खोज कर कार्य आराम कर सकते है. जन्म के घंटो को सूर्य उदय के समय को note करके यथा किसी दिन 6.24 पर सूर्योउदय हुआ तो 7.24 तक एक घंटा मान कर इसी प्रकार सभी घंटो को अपने नाम से सहानुभूति रखने वाले घंटो से मिलन करके उचित घटा निर्धरित कर सकते है. इसके लिए सबसे अच्चा तरीका होरा दिवस होरा की द्वारा शुभ खंता निकलने का है जिसे आप हमारी पोस्ट “hora banane ki vidhi”par janege

0 0
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Leave a Reply

अपनी कुंडली स्वयं बनाओ

बनी हुई कुंडली को देखन या कंप्यूटर से कुंडली बनाना एक ही बात है लेकिन अपनी कुंडली बनाओ इसको यहाँ बताना हमारा उद्देश्य है.

क्या मैं गरीब हूँ

सारी दुनिया में करोड़ों लोग अपनी गरीबी से परेशान है, क्या मैं गरीब हूँ इसके कुंडली में क्या कारण दीखते है,आइये इस पर विचार करके...