ज्योतिष में संभोग

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jyotish me sambhoag
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ज्योतिष में संभोग क्या स्थान है ? हम इसका सिर्फ एक सांस्कृतिक हेतु दर्शाना चाहते है. जिस पर विचार करना आपका काम है.

विचार

सम्भोग एक ऐसे शब्द पर विचार करना जिसके आकांशी तो सब है, लेकिन बात कोई नहीं करना चाहता पर पढ़ना सब चाहते है . कारण शारीरिक मैथुन सुख को पाने की आकांशा. अब इसके लिए ज्योतिष में संभोग पर किस तरह से विचार किया गया है इस पर जरा गोर करे तो पता चलता है की यहाँ इसे सिर्फ और सिर्फ संतान प्राप्ति का माध्यम माना गया है. न की मोज मस्ती का.

वैसे भारतीय ज्योतिष में इस पर एक राशी का नाम भी है वो है “मिथुन यहाँ इस पर सांकेतिक

ज्योतिष में संभोगशास्त्र विचार

भारतीय पुराण शास्त्रों में भी सम्भोग को केवल संतान प्राप्ति के रूप में ही देखा जाता है. भगवन शिव ने इस भूलोक को सदा मनुष्यों से पुर्ण रखने के लिए मैथुन सृष्टि की रचना की थी. भारतीय पुराण में शादी विवाह को संतान प्राप्ति का गोरव पूर्ण कृत्य माना गया है.

तो अब बात आती है की “ज्योतिष के अनुसार सम्भोग का क्या मेहत्व है. यहाँ भी मै आपको बता दू की सम्भोग को यहाँ भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार संतान प्राप्ति का ही माध्यम माना गया है. इसके लिए कुंडली में प्रबल ग्रह योग का होना अनिवार्य है.

संतान

संसार में देखने मै आता है की किसी  को संतान है किसे को नहीं है किसी को लड़के ही हे किसी को लड़की ही है. इसकी पीछे कारण पुरुष संज्ञक और स्त्री संज्ञक ग्रहो का होना. यदि कुंडली में पंचम भाव को पुरुष ग्रह देखते है या वहा होते है या पंचमेष पुरुष संज्ञक ग्रह है तो जातक को को पुत्र प्राप्ति की सम्भावना होती है.

पुत्र या पुत्री

यदि ऐसे ही उपरोक्त योग स्त्री संज्ञक ग्रहो को लेकर है तो जातक को पुत्रियों की प्राप्ति की सम्भावना अधिक होती है. यदि ये प्रभाव मिला जुला है तो पुत्र और पुत्रियों की सामान रूप से प्राप्ति होती है.

कोई कोई जातक ऐसे भी होते है जिनको अपने पुर्व जन्मो के कुफलो के कारण संतान की प्राप्ति नहीं होती है या होती है तो विकलांग संतान के रूप में. इसका कारन भी ज्योतिष में ही छुपा है

ऐसे जातक के पंचम भाव का स्वामी या तो अस्त होगा या फिर पंचम भाव पर क्रूर ग्रहो का प्रभाव होगा. ऐसी अवस्था में जातक को संतान तो होती है लेकिन शारीरक रूप से विकलांग या मूक बधिर होती है.

आपको फिर से बता दूँ की ज्योतिष में इसके आलोवा सम्भोग को लेकर अन्य कोई वर्णन नहीं है.

ज्योतिष के बारे में हमारी वेब site “jyotishjaano.xyz” पर आकर पढ़ सकते है.

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