कुंडली कैसे बनाएं

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कुंडली कैसे बनाएं
कुंडली कैसे बनाएं

यदि आपको ज्योतिष में वाकई रुचि है तो फलित से पहले जरा गणित भी जान लो फिर कुंडली कैसे बनाएं जैसा सवाल पैदा ही नहीं होगा .

दिनांक 12 जनवरी 2015
समय 10ः20 प्रातः
स्थानः दिल्ली भारत

कुंडली कैसे बनाएं

कुंडली बनाने के लिए मुख्य रूप से पहले जैसे की ऊपर दिखाया गया है Date of Birth, Date of Time, and place of birth ki jarurat padti hai.उसके बाद कुंडली कैसे बनाए का वर्णन आगे दिया गया है.

कंुडली बनाने के लिए पहले अक्षांश रेखांश व स्थानीय समय संस्कार लाहिड़ी की लग्न सारिणी के पृष्ठ 105 से लेंगे।

  
DigMinsec
Latitude of Delhi2839
Longitude of Delhi1713
local mean time2108
कुंडली कैसे बनाएं
HrMinSec
IST102000
Local Time Correction2108
LMT94852
कुंडली कैसे बनाएं

कुंडली कैसे बनाएं—संपातिक काल (siderial टाइम) के लिए लग्न सारिणी का पेज 2 खोलो वह से 12 जनवरी का साइडेरियल टाइम लिया जाएगा

घंटामिनटसेकेंड
12 जनवरी का सा- टा-192511
(पगे4) 2015 का करेक्शन36
19
2547
पेज 102 दिल्ली का सा- टा करेक्शन3
दोपहर 12 बजे का सा-taim192550
कुंडली कैसे बनाएं

अब इस सा.टा को जन्म समय का बनाने के लिए हमने देखा कि जन्म समय दोपहर 12 से पहले का है। इस कारण स्थानीय मध्यम समय को 12 बजे में से घटाया । शेंष समय के अनुसार हम लग्न सारिणी के पृष्ठ 5 पर दी गई तालिका के अनुसार शोधन करेंगे।

घंटामिनटसेकंड
1200००
लोकल मीन टाइम –94852
टाइम इनटर्वल2118
(पगे-5)2 घंटे का करेक्शन20
11 मिनट का करेक्शन2
कुल घंटे211 30
कुंडली कैसे बनाएं

इस समय को पूर्व प्राप्त सा.टा में से घटा देने पर जन्म का सा.टा. मिल जाएगा।

घंटामिनटसेकंड
दोपहर 12 बजे का सा टा192550
2
1130
जन्म का साइडेरियल टाइम171420
लग्न निकालना ?
लग्न के लिए हमने लग्न सारिणी का पृष्ठ 48 खोल कर साइडेरियल टाइम के अनुसार लग्न जाना
साटडेरियल टाइम 17घंटे 14मि 20सै
                      राशि    अंश     क्ला
17घं 12 मि.पर लग्न    10       20      00

17घं 16मि. पर लग्न    10       21      24

दोनों 4 मि का अंतर               1      24

4 मिनट में 84 कला(1×60़+24=84कला)

             घंटा    मिनट    सैकेंड
 हमें चाहिए    17      14      20 

             17       12      00
 अंतर                  2      20
 

यानि 140 कला(2×60़20=140)
अर्थात 4 मिनट में लग्न 84 कला आगे गया तो 2मि. 20 सेैकेंड यानि 140 सैं. में कितना आएगा
140×84/240=49 कला

17घंटे 12 मिनट का लगन               राशि    अंश      कला
 हमे चाहिए                            10      20       00
 पेज                                                 + 49
 लग्न                                 10      20       49
 2015 का अयनांश संस्कार पेज 6    .              1       05
 लग्न स्पष्ट                            10      19       44

कुंडली कैसे बनाएं—दशम भाव स्पष्ट?
हमारा सा.टा. 17घं14मि.20सै. हैं। इसके आधार पर हम टेबल दशम भाव पेज 8 देखेंगे। हमें 17घ ं16 मि. पर लग्न है
7ः 26ः 53
17घं12मि.पर लगन है 7ः 25ः 58
अंतर 4मि.पर 55
हमें चाहिए 140 सैंकंेड का दशम

140×55झ्240त्र32कला
32 कला को हमें 7-25ः58 में जोड़ना होगा यहाँ लग्न दशम में 6राशि जोड़ने से चैथा व सातवा भाव स्पष्ट हो जाएंगे इसी प्रकार सभी भावों के साथ करना होगा।

                    राशि    अंश    कला

                     7      25     28
                                   32
                     7      26     00

2015 का अंयनांश . – 1 25
दशम स्पष्ट 7 24 35

लग्न                     10  19  44

10शम                    7   24  35

चतुर्थ                     1   24  35

सप्तम                    4   19  44

कुंडली कैसे बनाएं—यहां से अब आगे हमें लग्न में से दशम को घटाएंगे तो भागफल में 6 का भाग देकर उस भाग फल को दशम से लग्न तक के भावों में जोडते जाएंगे। फिर चतुर्थ में से लग्न को घटा कर भाग फल को लग्न से चोथे भाव तक जोड़ते जाएंगे। इस प्रकार हमारे पास 6 भाव स्पष्ट हो जाएंगे। बाकि बचे छह भावो का पाने के लिए प्राप्त हुए भावों में छह राशि यानि राशि वाली संख्या में 6 जोडेंगे तो सामने का भाव प्राप्त हो जाएगा।

लग्न में से 10 घटाएंगे           राशि      अंश      कला       विक

लग्न                           10       19       44  

10शम                           7       24       35  

प्राप्ति                            2      25        9   

    2×30= 60़ + 25 =85 / 6       

छठा भाग    =                           14        11         30
                    राशि       अंश      कला        विक
                     10         7         24        35  

                               14         11        30

10-11                8          8         46        30

                                14        46        30

11                   8          22         58       00

                                14          11      30

11-12                9           7          9        30

                                14         11        30

12                   9           21        21        00

                                 14        11        30

12-1                 10          5         32         30

                                 14         11        30

1                     10          19        44        00
चतुर्थ में से लग्न घटाएंगे          राशि    अंश    कला      विक

चतुर्थ                           1      24      35  

लग्न                           10      19      44  

प्राप्ति                           3        4      51  

    3×30= 90+4=9/6 =        

छठा भाग=                       15      48      30
यहाँ हमारे सामने एक समस्या आती है कि लग्तो 10-10-19-44 है। और चैथा भाव 4-24-35 है। यानि चैथे भाव में से लग्न कैसे घटाएंगे। यानि थोड़ी देर के लिए 10वें भाव  पर चलते हैं वह 7-24-35 है। यहाँ हमने 6 जोड़ कर चतंुर्थ भाव 13 के रूप में पाया था। यानि 7़6त्र13 तो हल भी यहीं हैं कि हम क्यों न इसे 13 ही मान परिणाम प्राप्त करें जब गणित का हल हो जाए तो फिर से 1-24-35 मान लेंगे।  

         राशि        अंश     कला     विक

1        10          19      44  

                     15      48      30

1-2      11           5      32      30

                     15      48      30

2        11          21      21      00

                     15      48      30

2-3      12           7       9      30

                     15      48      30

3        12          22      58      00

                     15      48      30

3-4      13           8      46      30

                     15      48      30

         13          24      35      00

       - 12          

4=       1           24      35      00



भाव      स्ंधि      रा     अं     क     विक

1                 10     19    44  

         1-2      11      5    32      30

2                 11     21    21      00

         2-3      12      7     9      30

3                 12     22    58      00

        3-4       13      8    46      30

4                 1      24    35      00

        4-5       2       8    46      30

5                 2       22   58  

       5-6        3        7    9      30

6                 3       21   21      00

       6-7        4        5   32      30

7                 4       12   44      00

      7-8         5        5   38      30

8                 5       21   21      00

      8-9         6        7    9      30

9                 6       22   58      30

      9-10        7        8   46      30

10                7       24   35      00

     10-11        8        8   46      30

11                8       22   58      00

     11-12        9       7     9      30

12                9      21    21      00

     12-1        10       5    32      30

ग्रह स्पष्ट कैसे करते हैं?

नोट- यहाँ ग्रह स्पष्ट करने के लिए हमें किसी प्रकार की गणित क्रिया करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि राजधानी दिल्ली से प्रतिवर्ष छपने वाले आर्यभट्ट पंचांग के 2014-2015 के पृष्ठ पेज 40 पूरे साल के ग्रह स्पष्ट दिये गए है। यहां उदाहरण में जातक का जन्म 12-13 जनवरी के मध्य हुआ है इसलिये पहले 12 जनवरी सुबह 5-30 के ग्रह स्पष्ट को 13 जनवरी के ग्रह स्पष्ट में से घटाएंगे तदुपरांत 24 घंटे की गति प्राप्त होगी इसके आधार पर अपने दिये गए समय के ग्रहों (एस्ट्रोलाजिकल टेबल फार आल, प्रकाशक क्रिश्मन पब्लिशर, केपी एस्ट्रोलोजी) की किताब में से आसानी से ग्रह स्पष्ट किये जा सकते है।

रा.अं.क.विक  रा.अं.क.विक   अं-क-विक  रा.अं.क.विक   

ग्रह    13-1-15 12-1-15 ग्ति-चाल    ग्रहस्पष्ट  नक्षत्र-चरण नक्षत्रस्वामी

सूर्य    8ः28ः23ः15  8ः22ः22ः7   1-1-1   8ः22ः34ः24  उषा 4   सूर्य

च्ंाद्र    5ः23ः50ः41  5ः11ः52ः11  11-58-30    8ः24ः46ः24  चित्रा 4    म्ंागल

म्ंागल    10ः6ः22ः19  10ः5ः35ः21  0-26-58 10ः5ः40ः47  धनिष्ठा1    म्ंागल

बुध    9ः17ः6ः47   9ः15ः52ः56  1-13-51 9ः15ः14ः54  श्रवण 3 च्ंाद्र

गुरू-व    3-26ः27ः37  3ः26ः28ः38  0-6-11  9ः15ः42ः26  अष्लेषा4    बुध

शुक्र    9ः17ः40ः21  9ः16ः25ः19  1-15-2  9ः16ः30ः8   श्रवण 2 च्ंाद्र

शनि    7ः7ः56ः5    7ः7ः50ः41   0-0-5-24    2ः7ः51ः17   अनुराधा 2   शनि

राहू    5ः20ः13ः57  5ः20ः17ः8   0-3-11  5ः20ः2ः35    हस्त 3 च्ंाद्र

केतू    11ः20ः13ः57 11ः20ः17ः8  0-3-11  11ः20ः2ः35  रेवती 3 बुध
planetsरा -अं – क्ला – fव करा -अं – क्ला – fव कग्रह गतिgraha spashtnkshtra charanNakshatra lord
13-1-1512-1-15
सूर्य8-28-23-158-22-22-7-1-1-1-8-22-34-24-उषा 4सूर्य
चंद्रमा5-23-50-41-5-11-52-1111-58-30-8-24-46-24-चित्रा4मंगल
मंगल10-6-22-19-10-5-35-210-26-5810-5-40-47धनिष्ठा1मंगल
बुध9-17-6-47-9-15-52-56-1-13-519-15-14-54श्रवण 3चंद्रमा
गुरु (वक्री)3-26-27-373-26-278-38 0-6-११-6-119-15-42-26अश लेशा4बुध
शुक्र9-017-40-21-9-16-25-19-1-15-29-16-30-8श्रवण2चंद्रमा
शनि7-7-56-57-7-50-410-0-5-242-7-51-17अनुराधा 2शनि
राहू5-20-13-575-230-17-8-3-115-20-2-35हस्ता 3चंद्रमा
केतू11-20-13-57-11-20-17-8--3-1111-20-2-35रेवती 3
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अपनी कुंडली स्वयं बनाओ

बनी हुई कुंडली को देखन या कंप्यूटर से कुंडली बनाना एक ही बात है लेकिन अपनी कुंडली बनाओ इसको यहाँ बताना हमारा उद्देश्य है.