अंक ज्योतिष(Numerology)

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भारतीय अष्टक वर्ग अंक पद्धति कुंडली में ग्रहो की ताकत से परिचित कराती है, लेकिन इंग्लिश अंक ज्योतिष मूलांक की शक्ति से परिचित कराती.

अंक ज्योतिष
अंक ज्योतिष

जातक की जन्म कुंडली बनाने के लिए कभी जन्म लग्न, तो कभी लग्न स्पष्ट , कभी भाव स्पष्ट, ग्रह स्पष्ट , अष्टक वर्ग, दश वर्ग, विंशोत्तरी दशा आदि श्रम साध्य गणनाए पूरे मनो योग से करने के लिए लिए बहुत गणित कार्य करना होता है लेकिन अंक ज्योतिष में इतना श्रम करने की आवश्यकता नहीं है.

संसार में दिखने वाली अनेक वस्तुओ के अनेक रूप है अनेक रंग है लेकिन जहां तक रंगों की बात है उनकी संख्या सात (Seven) ही है. लाल पीला मिलाने से नारंगी, पीला नीला मिलाने से हरा बन जाता है. , ठीक इसी प्रकार अनेक रंगों को मिलाने से अनेक रंग बन जाते है लेकिन रंग मूल रूप से सात ही रहते है.

इसी प्रकार से संसार जिन मूल तत्वों से बना है पृथ्वी , जल ,अग्नि , वायु , आकाश, से वो पांच ही है. इन्ही से मिलकर पञ्च गुण उत्पन्न हुए हे यथा आकाश से वायु, वायु से अग्नि, अग्नि से जल ओर जल से पृथ्वी,पृथ्वी का गुण गंध, जल का रस , अग्नि का तेज(रूप), वायु का स्पर्श और आकाश का गुण शब्द है. संसार के सभी तत्वों का आधार आकाश है और आकाश का तत्व शब्द है. संसार के हर पदार्थ का गुण शब्द है इसीलिए शब्द को शब्द ब्रहम कहा गया है. शब्द ब्रहम ईश्वर का प्रतीक  है. कुल मिला एको अहम बहु स्याम  (मै एक हूँ लेकिन अनेक हो गया हूँ)-वेद वाक्य

जहाँ उपासना सम्बन्धी मन्त्र जप की आवृत्तियो की बात आती है वहां सूर्य के जप 7000,चन्द्र के जप 110000,मंगल के जप 10000, बुध के जप 9000, गुरु के जप 19000,शुक्र के जप 16000,शनि के जप 23000, राहू के जप 18000 और केतु के 17000 निश्चित है.

इसी प्रकार शून्य 0 निष्क्रियता का प्रतीक है और 1 सक्रियता का प्रतीक है ठीक इसी logic पर computer code  आधारित है 1 yes 0 No.

भारतीय ज्योतिष में 108 की संख्या का बहुत महत्व है. सूर्य जब एक परिक्रमा पूरी करता है 360०अंश बनते है . अब यदि 360 अंश को 60 से गुना करे तो 21600 कला(minute) हुई सूर्य 6 महीने उत्तर और 6 महीने दक्षिणमें रहता है. यदि इस संख्या को 2 से भाग करे तो10800 प्राप्त होगी बाद की दो शून्य हटा कर 108 अंक प्राप्त होता है अत इसी लिए मूल रूप से भारतीय  परम्परा में 108 तक के जप को मान्यता प्राप्त है.

नाम को संख्या में परिवर्तन करना एक बहुत महत्व पूर्ण विद्या है. जैसे आज कल विज्ञानी भोजन को कैलोरी में परिवर्तित करके बताते है की कौन सा भोजन कितना शक्ति शाली है ठीक इसी प्रकार नाम को संख्या में परिवर्तीत करके बताया जा संकता है की कोन व्यक्ति किससे  ज्यादा प्रभाव शाली है. नरपति नामक विद्वान ने बताया है की व्यक्ति  का नाम वही होता है की जब उसके सोते हुए नाम लेने पर वह जाग जाए.जिस प्रकार बिखरी हुई चीनी खाने के लिए शेर नहीं चीटी आती है,बकरा खाने के लिए चींटिया नहीं शेर आता है उसी प्रकार 1 संख्या के सहधर्मी अंक ही 1 की और आकृष्ठ होंगे. जिस प्रकार पोस्टमैन के हाथ की पोस्ट मकान संख्या के आधार पर अपने सही स्थान पर पहुँच जाती है ठीक वैसे ही हमारा जीवन भी क्रम संख्या के अनुसार संचालित होता है.

गीता में 18 अध्याय, 18 पुराण ,महाभारत के 18 पर्व ऐसा क्यों है ? 8+1=9 यानी पूर्णता की प्राप्ति . अंक विद्या एक ऐसा रहस्य है जिसमे जितना उतरेंगे उतने ही मोती हाथ लगेंगे. अपने जीवन की विभिन्न घटनाओ से ये अंदाजा लगा सकते है की किस दिन महीने साल में कौन सी विशेष घटना आपके जीवन में घटित हुई थी तो इस पर आधारित गणनाए आप आगे के लिए भी कर सकते है.

एक और चीज स्पष्ट कर दू की हर चीज का कोई न कोइ अपवाद भी होता है ठीक इसी प्रकार अंक विद्या का भी है . जीवन की किसी घटना के पूर्व अनुमानों के अनुसार दिन महीने साल के अंक पूर्ण रूप से समायोजित किये जाते है लेकिन कोई ग्रह ऐसा होता है जो उस अंक को फलीभूत नहीं होने देता, तो इस आधार पर अंक विद्या को आप बेकार की विद्या मत समझ लेना.निरंतर अभ्यास से गुरुता प्राप्त होने लगेगी;

सच की खोज

कई बार कुछ घटनाएं अपने होने के कारण को दोहराती है. लेकिन इसे लोग केवल संयोग का नाम देते है पर जब वही घटना पुनः प्राप्त होती है तो लोग इसे ईश्वर का चमत्कार कहते है. ठीक ऐसी ही कुछ घटनाओ को देखे. इसाई लोग 13 के अंक को बहुत अशुभ मानते है उनका विशवास है की ईसा की मृत्यु के 13 दिन पहले जो भोज हुआ था उसमे 13 लोग ही शामिल थे. कुछ देशो के होटल मालिक 13 नम्बर के कमरे के स्थान पर 12A.नंबर को रख देते है उनका मानना है की 13 नम्बर के कमरे में लोग नहीं ठहरते खुद भारत में भी 13 के अंक को अशुभ माना जाता है.

कुल मिला कर तात्पर्य यह है की कोई भी संख्या सर्वथा सबके लिए शुभ या अशुभ नहीं होती किसी को कोई संख्या तुल्य दिन बहुत शुभ होता है तो उसके विरोधी व्यक्ति को भरी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है. दुनिया में सभी लोग ज्योतिष में पारंगत नहीं हो सकते लेकिन अंक ज्योतिष इतनी सरल है की हर पढ़ा लिखा इसे सीखना चाहे तो सीख सकता है.

मूल अंक बनाने की विधि

10=1+0=120=2+0=2
11=1+1=221=2+1=3
12=2+1=322=2+2=4
13=1+3=423=2+3=5
14=1+4=524=2+4=6
15=1+5=625=2+5=7
16=1+6=726=2+6=8
17=1+7=827=2+7=9
18=1+8=928=2+8=10
19=1+9=10

यदि हमें 29 का मूल अंक निकलना हो तो 29 =2+9=11 अभी ये मूल अंक नहीं बना है इसे फिर से 1+1 =2 के रूप में प्राप्त करना होगा .ठीक इसी प्रकार से सारी तारीखों के मूल अंक ज्ञात किये जा सकते है.

अंको का स्वाभाव –

1=इस मूल अंक वाले क्रियात्मक , अपनी विचार धरा में स्थिर और , निशिचित स्वाभाव वाले होते है.-10-29-28 तारीख में जन्मने वालो का मूल अंक 1 होता है. ठीक इसी तरह से आयु के साल जैसे 10-19-28-37-46-55वा साल महत्व पूर्ण होते है. 1 मूलांक वालो पर सूर्य का विशेष प्रभाव होता है. 1 मूलांक वाले स्वयं अपनी संस्था या व्यापार बनाकर अपनी नियमो को कयान्वित करते है ये लोग दूसरो द्वारा संचालित नहीं होना चाहते है.2-4-7 अंक वाले भी इनके लिए सहयोगी अंक है रविवार ,सोमवार शुभ दिवस है यानी १मूलन्क वाली तारीखों को ये दिन पड़े तो इनके लिए शुभ होंगे

2=इस मूल अंक का अधिष्ठाता चन्द्रमा है. ज्योतिष अनुसार सूर्य चन्द्र आपस में मित्र होते है इसलिए 1 और 2 अंक वालो में मित्रता होती है. 2 अंक वाले कल्पना शील, कला प्रेमी होते है. शारीरिक शक्ति के मुकाबले मस्तिष्क शक्ति विशेष होती है. इंग्लिश ज्योतिष के अनुसार 20 june और 25 जुलाई के दिन जन्मे व्यक्तियों पर चंद्रमा का विशेष प्रभाव होता है. इस मूल अंक की 1-4-7 सहयोगी संख्या होती है. अंदाजा लगाकर देखो की 2 मूलांक वालो को 1-4-7 वाले दिन महीने साल कैसे बीते थे.

2 मूलांक वाले स्थिर चित्त के नहीं होते योजना बना के उसमे परिवर्तन करते है. ये एक प्रकार से इनकी कमजोरी है जिस पर नियंत्रण करना चाहिए. सफ़ेद या हरे रंग के परिधान पहरने चाहिए कोई भी कला लाल गहरा रंग अनुकूल नहीं होता है.

3 मूलांक का अधिष्ठाता ग्रह गुरु है. 3=12=21=30 तारीख को जन्मे लोगो का मूल अंक 3 होता है. इंग्लिश ज्योतिष अनुसार 19 फरवरी से 21 मार्च और 21 नवम्बर से 21 दिसंबर के मध्य जन्मने वालो पर गुरु का विशेष प्रभव होता है.

3 मूलन्क वाले मह्त्वकांशी. अनुशासन प्रिय और कठोर होते है फौज या शासन में लगे व्यक्ति इस मूलांक के होतो वै अपने मातहत लोगो मि शिथिलता नहीं आने देते. 19 फरवरी से 21 मार्च और 21 नवम्बर से 21 दिसंबर के मध्ये ये लोग यदि कोई नया काम आरंभ करे तो सफलता मिलती है. इस अंक की 3 और 6 अंक से विशेष सहानुभूति होती है.

3 मूलांक वालो को गुरु वर, शुक्र वार और मंगल वर अनुकूल होते है. यदि ये दिन 3-6-9 तारीखों को पड़े तो इनके लिए शुभ होते है. जिनकी मूलांक तारीख 3 होती है. उनमे आपसी सहयोग विशेष होता है. जैसे प्रेसिडेंट रोज्वेल्ट 30 जनवरी, चर्चिल 30 नवेम्बर, स्टॅलिन 21 दिसम्बर में अलग अलग देशो के शासनाध्यक्ष होते हुए भी शांति और सहयोग के लिए तीनो किसी गुप्त स्थान पर संवाद कर सके. इस मोलांक वालो को चमकीला गुलाबी रंग या हल्का जमुनी रंग विशेष अनकूल होताहै.

4 मूलांक

इंग्लिश ज्योतिशानुसार 4 मूलांक का अधिष्ठाता ग्रह हर्शल ग्रह है उन्नति , विस्फोट, विस्मय पूर्ण कार्य, आस पड़ोसे की घटने इससे प्रभावित मुख्य कार्य है. 4 मूलंक वाला व्यक्ति जीवन भर लोगो से संघर्ष करता रहता है. अन्य लोगो के विपरीत अपने विचार प्रस्तुत करता है. इसलिए उसके अनेक शत्रु पैदा हो जाते है. किसी भी माह की 4,13,22,31 तारीखे 4 मूलांक को प्रस्तुत करती है.

21 june से 31 अगस्त के मध्य का समय इस मूलांक के लिए विशेष शुभ होता है. ये लोग सुधारवादी, उन्मूलन प्रवृत्ति के होते है. यानी पुरातन प्रथाओ को पलटने वाले. राजनीतिक हो या सामाजिक सभी पुराणी प्रठो का उन्मूलन करना चाहते है, वैसे तो ये आसानी से दोस्ती नहीं करते लेकिन 1,2,7,8 मूलांक वालो से सहयोग करते है.

4 मूलांक वाले धन जोड़ने में कम उड़ाने में ज्यादा ख़ुशी अनुभव करते है. इन लोगो से अपील है की कुछ संग्रह की और ध्यान दे. इनके लिए रविवार,सोमवार शुभ होते है. यानि किसी भी महीने की 4 मूल वाली तारीख को ये दिन पड़े कार्य आरम्भ करे ऐसा करने से 2 मूलांक वालो से विशेष सहयोग और लाभ मिलेगा. जीवन के महत्व पूर्ण वर्षो में 4,13,22,31,40,49,58,67 है.

5 मूलांक

अंक ज्योतिष के अगले पड़ाव पर 5 मूलांक है. इसका अधिष्ठता ग्रह बुध है.5,14,23 तारीख और 21 मई से 23 june व् 21 अगस्त से 23 सितम्बर के मध्य का समय शुभ होता है. मिलन सार मैत्री पसंद लोग होते है. अपने मूलांक वालो जैसे लोगो से सहयोग करते है. शीघ्र लाभ अर्जित करने वाले काम जैसे व्यापर व् सट्टे की और ध्यान देते है. ये बुध की तरह से युवा फुर्तीले ओउर जदबाज होते है.किसी बात को लेकर शोक पश्चाताप दुखी नहीं होते , किसी ने इनके प्रति बुरा किया होतो जल्द ही उसे भूल कर अपने काम में लग जाते है.

मूलांक वाले दिन गुरुवार, बुधवार, शुक्रवार होतो विशेष उन्नति की सम्भावना है. 21 से 23 june तक का समय, और 21 से 23 सितम्बर का समय अनुकूल होता है. बुध ग्रेह का स्नायु मंडल पर अधिकार होता है यदि ये लोग अधिक मानसिक कार्य करते है तो संयु सम्बन्धी विकार से ग्रस्त होजाते है जिस कारण ये जल्द ही क्रोधित , चिडचिडे किस के हो जाते है. हल्का खाकी, सफ़ेद चमकीला रंग, अलका हरा रंग अनुकूल रंग है.

भारतीय ज्योतिशानुसार 32 वा वर्ष बुध ग्रहो के लिए विशेष अनुकूल होता है अत कुंडली अनुसार जिनको बुध शुभ स्थानों में प्राप्त है या अशुभ स्थानों में प्राप्त है तदनुसार ही उन्हें फल प्राप्त होंगे जैसे कुंडली के केन्द्रीय भाव व् त्रिकोण भाव शुभ होते है और 6-8-12 शुभ भाव होते है. है.

6 मूलांक इस अंक का अधिष्ठाता शुक्र ग्रह है. 6-15-24 अंक की date इसे प्राप्त होती है.

इंग्लिस अंक ज्योतिष अनुसार 20 अप्रेल से 24 मई, और 21 सितम्बर से 24 अक्तूबर का समय इस मूलांक से प्रभावी रहता है. यानि इस समय में जो लोग 6 मूलांक की तारीख को जन्मते है वै शुक्र से अनुग्रहित होते है. या लोग बहुत लोक प्रिय, मिलनसार ,और आकर्षक होते है. सोंदर्य के प्रशंसक, उपासक,प्रेमी, सुंदर वस्त्र, कलाकारी , चित्र करती, स्थल, पर घुमना इनका विशेष शोक होता है. अतिथि प्रमी, लेकिन हठी स्वाभाव के होते है. अपने से अधिक लायक किसी को नहीं समझते.

6 मूलांक वालो की 3 और 9 मूलांक वालो से विशेष सहानुभूती होती है. मंगल वार , गुरुवार, शुक्रवार, अनुकूल दिवस है. हल्का नीला आसमानी या गहरा नीला रंग, गुलाबी रंग अनुकूल होते है.

7 मूलांक

अंक ज्योतिष परम्परा में 7 सात मूलांक अधिष्ठाता ग्रह नेप्चून है. भारतीय ज्योतिष इस नाम का कोई ग्रह नही है 7,16,25 तारीख का इससे सम्बन्ध है. चन्द्र और नेप्चून दोनों जल ग्रेह है अत दोनों के मूलांक 2 और 7 में घनिष्ठ सम्बन्ध है. अत इन मूलानको वाले व्यक्ति आपस में सहयोग पूर्ण होते है. ये लोग परिवर्तन शील, यात्राओ के शौकींन, कल्पना शील , भावुक किस्म के होते है.चित्रकला ,साहित्य, कविता में इनका कैरियर बनता है. लेकिन अन्य मूलांक वालों की तरह ये धन के विषय में कमजोर होते है.

7 मूलांक वाली स्त्रियों का धनि परिवारों में रिश्ता होता है. धार्मिक रूप से ये प्रगति शील होते है पुरातन पंथी नहीं.ये दूसरो के मन की बात रहस्यमय रूप से जान लेते है. समुद्र मार्ग से विदेश व्यापार में विशेष सफलता प्राप्त होती है. इनके लिए रविवार ,सोमवार अनुकूल दिवस है.

8 मूलांक

अंक ज्योतिष परम्परा में 8 मूलांक की सहयोगी तिथिया 8,17,26 है और मुख्या रूप से शनिवार, अन्य रूप से सोमवार, व् रविवार अनुकूल दिवस है. अन्य लोगो से सहानुभूति पूर्ण रहने पर भी लोग इन पर विश्वास नहीं करते है. जिस कारण इनका चित्त उदास रहता है. बहरी प्रदर्शनों के प्रति उदासीन रहते है इसलिए इन्हें लोग कठोर समझते है. अपने कार्य के प्रति लगनशील उद्यमी और उच्च्महत्वाकांशी होते है जिस कारन लोग इनके शत्रु बन जाते है लेकिन ये लोग इसकी परवाह नहीं करते. इस अंक वालो को जीवन में बहुत कठिनाइया उठानी पड़ती है. इस कारण इस अंक को लोग अच्चा नहीं मानते है.

इस मूलांक के प्रति अन्य अनुकूल तिथियां 4,13,22,31,होती है. बहुत से लोग 8 मूलांक को शनि का अंक मानने में कारन अशुभ मानते है लेकिन ऐसी धरना नहीं पालनी चाहिए क्योंकि हर अंक का ग्रह से सम्बन्ध होता है और यदि ग्रह कुडली में शुभ हो तो अंक भी शुभ प्रभाव दिखाएगा.

9 मूलांक

अंक ज्योतिष परम्परा में 9 मूलांक की सहधर्मी तिथिय 8,18,27 है इसका अधिष्ठता ग्रह मंगल है. कीरो के मतानुसार 21 मार्च से 27 अप्रैल और 21 अक्टूबर से 27 नवम्बर के मध्य का समय एस मूलक वालो के लिए शुभ होता है. ये लोग कठिनाइयों से लोहा लेने वाले संघर्षशील होते है/संघर्षमय जीवन होने के कारण शत्रु भी अधिक होते है. या लोग पुलिस , फोज, आधी सहस पुनर नोक्रियो में भ्हग्य आजमाए. तो बेहतर होगा.इन्हें दुर्घटनाओ के प्रति सावधान रहना चाहिए, 9 मूलांक वालो को शीघ्र क्रोध आजाने के कारण झगडा होने के प्रति सावधान रहना चाहिए.ये लोग असहिष्णु होने के कारण अपनी आलोचना सहन नहीं कर पाते.

इनमे प्रबंधन का विशेष गुण होता है प्रेम पात्र के लिए सदेव उत्सुक रहते है स्त्रियों के अभिनय पूर्ण प्रेम के प्रति सावधान रहना चाहिए. इस मूलांक वालो को अपने स्वाभाव को नियंत्रण में रखने की सलाह दी जाती है. इस अंक की अन्य सहयोगी तिथियाँ 3-6 मूलांक वाली होती है. रंगों में गुलाबी और गहरा लाल रंग अनुकूल होता है.

संयुक्त अंक की अवधारणा

अनेक इंग्लिश ज्योतिषियों का अनुमान है की केवल जन्म तिथियों के आधार पर मूलांक खोजना अधूरा अंक ज्योतिष ज्ञान है इसके लिए पूर्ण जन्म तिथि माह,वर्ष का किलन करना चाहिए.यथा किसी का जन्म वर्ष यदि 9-2-2015 तो इन्हें 9+2+2+1+5=19 ==1+9=10=1 इस प्रकार से मूलांक का अनुसन्धान करना चाहिए अत यहाँ मूल अंक एक 1 प्राप्त हुआ. इसी रीति से अन्य मूलांको को भी निकलना चाहिए.

इस प्रकार आपने यहाँ तक जन्म तिथि के आधार पर मूलांक निकालना सीखा है. आगे अन्य पोस्ट में हम नामांक के आधार पर मूलांक भी निकलना सीखेंगे. “नाम आधारित अंक विद्या ” पोस्ट का नाम होगा

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